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सुनन नसाई

नंबर 2254

नंबर 2254किताब 22, नंबर 165
أَخْبَرَنَا مَحْمُودُ بْنُ خَالِدٍ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ شُعَيْبٍ، قَالَ أَخْبَرَنِي يَحْيَى بْنُ الْحَارِثِ، عَنِ الْقَاسِمِ أَبِي عَبْدِ الرَّحْمَنِ، أَنَّهُ حَدَّثَهُ عَنْ عُقْبَةَ بْنِ عَامِرٍ، عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَنْ صَامَ يَوْمًا فِي سَبِيلِ اللَّهِ عَزَّ وَجَلَّ بَاعَدَ اللَّهُ مِنْهُ جَهَنَّمَ مَسِيرَةَ مِائَةِ عَامٍ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from 'Uqbah bin 'Amir that the Messenger of Allah said:"Whoever fasts one day in the cause of Allah, the mighty and sublime, Allah will separate him the distance of one hundred years from the fire
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAbu Ghuddah
  • HasanAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।