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सुनन नसाई

नंबर 2252

नंबर 2252किताब 22, नंबर 163
أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ حَرْبٍ، قَالَ حَدَّثَنَا قَاسِمٌ، عَنْ سُفْيَانَ، عَنْ سُهَيْلِ بْنِ أَبِي صَالِحٍ، عَنِ النُّعْمَانِ بْنِ أَبِي عَيَّاشٍ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ مَنْ صَامَ يَوْمًا فِي سَبِيلِ اللَّهِ بَاعَدَ اللَّهُ بِذَلِكَ الْيَوْمِ حَرَّ جَهَنَّمَ عَنْ وَجْهِهِ سَبْعِينَ خَرِيفًا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Saeed Al-Khudri that the Prophet said:"Whoever fasts a day in the cause of Allah, Allah will separate his face from the heat of Hell (a distance of) seventy autumns
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।