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सुनन नसाई

नंबर 2245

नंबर 2245किताब 22, नंबर 156
أَخْبَرَنَا دَاوُدُ بْنُ سُلَيْمَانَ بْنِ حَفْصٍ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ الضَّرِيرُ، عَنْ سُهَيْلٍ، عَنِ الْمَقْبُرِيِّ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ صَامَ يَوْمًا فِي سَبِيلِ اللَّهِ بَاعَدَ اللَّهُ بَيْنَهُ وَبَيْنَ النَّارِ بِذَلِكَ الْيَوْمِ سَبْعِينَ خَرِيفًا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Saeed Al-Khudri said:"The Messenger of Allah said: 'Whoever fasts one day in the cause of Allah, Allah will separate between his face and the fire by (a distance of) seventy autumns in return for that day
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।