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सुनन नसाई

नंबर 2246

नंबर 2246किताब 22, नंबर 157
أَخْبَرَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ يَعْقُوبَ، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي مَرْيَمَ، قَالَ حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، قَالَ أَخْبَرَنِي سُهَيْلٌ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ صَامَ يَوْمًا فِي سَبِيلِ اللَّهِ بَاعَدَ اللَّهُ عَزَّ وَجَلَّ وَجْهَهُ عَنِ النَّارِ سَبْعِينَ خَرِيفًا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Hurairah said:"The Messenger of Allah said: 'Whoever fasts one day in the cause of Allah, Allah, the mighty and sublime, will separate his face from the fire by (a distance of)seventy autumns
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।