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सुनन नसाई

नंबर 2026

नंबर 2026किताब 21, नंबर 209
أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ سُلَيْمَانَ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو نُعَيْمٍ، وَيَحْيَى بْنُ آدَمَ، قَالاَ حَدَّثَنَا مَالِكُ بْنُ مِغْوَلٍ، عَنْ سِمَاكٍ، عَنْ جَابِرِ بْنِ سَمُرَةَ، قَالَ ‏:‏ خَرَجَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَلَى جَنَازَةِ أَبِي الدَّحْدَاحِ، فَلَمَّا رَجَعَ أُتِيَ بِفَرَسٍ مُعْرَوْرًى فَرَكِبَ وَمَشَيْنَا مَعَهُ ‏.‏
It was narrated that Jabir bin Samurah said:"The Messenger of Allah went our to the funeral of Ibn Ad-Dahdah, and when he came back an unsaddled horse was brought to him, so he rode and we walked with him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।