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सुनन नसाई

नंबर 2025

नंबर 2025किताब 21, नंबर 208
أَخْبَرَنَا الْمُغِيرَةُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، قَالَ حَدَّثَنَا زَيْدُ بْنُ عَلِيٍّ، - وَهُوَ أَبُو أُسَامَةَ - قَالَ حَدَّثَنَا جَعْفَرُ بْنُ بُرْقَانَ، عَنْ حَبِيبِ بْنِ أَبِي مَرْزُوقٍ، عَنْ عَطَاءٍ، عَنْ جَابِرٍ، ‏:‏ أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم صَلَّى عَلَى قَبْرِ امْرَأَةٍ بَعْدَ مَا دُفِنَتْ ‏.‏
It was narrated from Jabir:That the Prophet prayed at the grave of a woman after she had been buried
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih LighairihiAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।