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सुनन नसाई

नंबर 2024

नंबर 2024किताब 21, नंबर 207
أَخْبَرَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنَا هُشَيْمٌ، قَالَ الشَّيْبَانِيُّ أَنْبَأَنَا عَنِ الشَّعْبِيِّ، قَالَ أَخْبَرَنِي مَنْ، رَأَى النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم مَرَّ بِقَبْرٍ مُنْتَبِذٍ، فَصَلَّى عَلَيْهِ وَصَفَّ أَصْحَابَهُ خَلْفَهُ ‏.‏ قِيلَ ‏:‏ مَنْ حَدَّثَكَ قَالَ ‏:‏ ابْنُ عَبَّاسٍ ‏.‏
Ash-Shaibani narrated that Ash-Sha'bi said:"Someone who saw the Prophet pass by an isolated grave told me that he offered the funeral prayer there and his Companions formed rows behind him." It was said: "Who told you this?" He said: "Ibn 'Abbas
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।