सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 2017

नंबर 2017किताब 21, नंबर 200
أَخْبَرَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ يَعْقُوبَ، قَالَ حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَارِثِ، عَنْ أَيُّوبَ، عَنْ حُمَيْدِ بْنِ هِلاَلٍ، عَنْ أَبِي الدَّهْمَاءِ، عَنْ هِشَامِ بْنِ عَامِرٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏:‏ ‏ "‏ احْفِرُوا وَأَحْسِنُوا، وَادْفِنُوا الاِثْنَيْنِ وَالثَّلاَثَةَ، وَقَدِّمُوا أَكْثَرَهُمْ قُرْآنًا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Hisham bin 'Amir that the Messenger of Allah said:"Dig graves and dig them well, and bury two or three (together), and put in first the one who knew the Qur'an most
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।