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सुनन नसाई

नंबर 2018

नंबर 2018किताब 21, नंबर 201
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ مَنْصُورٍ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، قَالَ حَدَّثَنَا أَيُّوبُ، عَنْ حُمَيْدِ بْنِ هِلاَلٍ، عَنْ هِشَامِ بْنِ عَامِرٍ، قَالَ ‏:‏ قُتِلَ أَبِي يَوْمَ أُحُدٍ فَقَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏:‏ ‏ "‏ احْفِرُوا وَأَوْسِعُوا وَأَحْسِنُوا، وَادْفِنُوا الاِثْنَيْنِ وَالثَّلاَثَةَ فِي الْقَبْرِ، وَقَدِّمُوا أَكْثَرَهُمْ قُرْآنًا ‏"‏ ‏.‏ فَكَانَ أَبِي ثَالِثَ ثَلاَثَةٍ وَكَانَ أَكْثَرَهُمْ قُرْآنًا فَقُدِّمَ ‏.‏
It was narrated that Hisham bin 'Amir said:"My father was killed on the day of Uhud, and the Prophet said: 'Dig graves and make them good and wide, and bury two or three in a grave, and put in first the one who knew the Qur'an most.' My father was the third of three, and the one who knew the Qur'an most was placed (in the grave) first
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।