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सुनन नसाई

नंबर 2014

नंबर 2014किताब 21, नंबर 197
أَخْبَرَنِي عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ خَالِدٍ الْقَطَّانُ الرَّقِّيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا حَجَّاجٌ، قَالَ ابْنُ جُرَيْجٍ أَخْبَرَنِي أَبُو الزُّبَيْرِ، أَنَّهُ سَمِعَ جَابِرًا، يَقُولُ ‏:‏ خَطَبَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَذَكَرَ رَجُلاً مِنْ أَصْحَابِهِ مَاتَ فَقُبِرَ لَيْلاً، وَكُفِّنَ فِي كَفَنٍ غَيْرِ طَائِلٍ، فَزَجَرَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَنْ يُقْبَرَ إِنْسَانٌ لَيْلاً إِلاَّ أَنْ يُضْطَرَّ إِلَى ذَلِكَ ‏.‏
Jabir said:"The Messenger of Allah delivered a Khutbah and mentioned a man among his Companions who had died and had been buried at night in a shroud that was not sufficient. The Messenger of Allah reprimanded them, telling them not to bury a person at night except in cases of emergency
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।