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सुनन नसाई

नंबर 2012

नंबर 2012किताब 21, नंबर 195
أَخْبَرَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ مَسْعُودٍ، عَنْ يَزِيدَ، - وَهُوَ ابْنُ زُرَيْعٍ - قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ أَبِي جَمْرَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ ‏:‏ جُعِلَ تَحْتَ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم حِينَ دُفِنَ قَطِيفَةٌ حَمْرَاءُ ‏.‏
It was narrated that Ibn 'Abbas said:"When the Messenger of Allah was buried, a red velvet cloak was placed beneath him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।