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सुनन नसाई

नंबर 1945

नंबर 1945किताब 21, नंबर 128
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ يَزِيدَ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبِي قَالَ، حَدَّثَنَا هَمَّامٌ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، وَمَنْصُورٌ، وَزِيَادٌ، وَبَكْرٌ، - هُوَ ابْنُ وَائِلٍ - كُلُّهُمْ ذَكَرُوا أَنَّهُمْ سَمِعُوا مِنَ الزُّهْرِيِّ، يُحَدِّثُ أَنَّ سَالِمًا، أَخْبَرَهُ أَنَّ أَبَاهُ أَخْبَرَهُ أَنَّهُ، رَأَى النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم وَأَبَا بَكْرٍ وَعُمَرَ وَعُثْمَانَ يَمْشُونَ بَيْنَ يَدَىِ الْجَنَازَةِ ‏.‏ بَكْرٌ وَحْدَهُ لَمْ يَذْكُرْ عُثْمَانَ ‏.‏ قَالَ أَبُو عَبْدِ الرَّحْمَنِ هَذَا خَطَأٌ وَالصَّوَابُ مُرْسَلٌ ‏.‏
Salim narrated:That his father told him that he was the Prophet, Abu Bakr, 'Umar and 'Uthman walking in front of the Janazah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 21 · The Book of Funerals

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।