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सुनन नसाई

नंबर 1274

नंबर 1274किताब 13, नंबर 96
أَخْبَرَنِي أَحْمَدُ بْنُ يَحْيَى الصُّوفِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو نُعَيْمٍ، قَالَ حَدَّثَنَا عِصَامُ بْنُ قُدَامَةَ الْجَدَلِيُّ، قَالَ حَدَّثَنِي مَالِكُ بْنُ نُمَيْرٍ الْخُزَاعِيُّ، مِنْ أَهْلِ الْبَصْرَةِ أَنَّ أَبَاهُ، حَدَّثَهُ أَنَّهُ، رَأَى رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَاعِدًا فِي الصَّلاَةِ وَاضِعًا ذِرَاعَهُ الْيُمْنَى عَلَى فَخِذِهِ الْيُمْنَى رَافِعًا أُصْبُعَهُ السَّبَّابَةَ قَدْ أَحْنَاهَا شَيْئًا وَهُوَ يَدْعُو ‏.‏
Malik bin Numair Al-Khuza'I, one of the inhabitants of Al-Basrah, narrated that:His father told him that he saw the Messenger of Allah (ﷺ) sitting when praying, putting his right forearm on his right thigh and raising his forefinger, which he had bent slightly, and he was supplicating
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • MunkarAbu Ghuddah
  • DaifAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 13 · The Book of Forgetfulness (In Prayer)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।