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सुनन नसाई

नंबर 1090

नंबर 1090किताब 12, नंबर 62
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ نَافِعٍ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ حَسَنٍ، عَنْ أَبِي الزِّنَادِ، عَنِ الأَعْرَجِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ يَعْمِدُ أَحَدُكُمْ فِي صَلاَتِهِ فَيَبْرُكَ كَمَا يَبْرُكُ الْجَمَلُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Hurairah said:"The Messenger of Allah (ﷺ) said: 'Is there any one of you who kneel as a camel kneels when praying?
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Book of The At-Tatbiq (Clasping One's Hands Together)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।