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सुनन नसाई

नंबर 1089

नंबर 1089किताब 12, नंबर 61
أَخْبَرَنَا الْحُسَيْنُ بْنُ عِيسَى الْقُومَسِيُّ الْبَسْطَامِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ، - وَهُوَ ابْنُ هَارُونَ - قَالَ أَنْبَأَنَا شَرِيكٌ، عَنْ عَاصِمِ بْنِ كُلَيْبٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ وَائِلِ بْنِ حُجْرٍ، قَالَ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم إِذَا سَجَدَ وَضَعَ رُكْبَتَيْهِ قَبْلَ يَدَيْهِ وَإِذَا نَهَضَ رَفَعَ يَدَيْهِ قَبْلَ رُكْبَتَيْهِ ‏.‏
It was narrated that Wa'il bin Hujr said:"I saw the Messenger of Allah (ﷺ) when he prostrated, he lowered his knees before his hands, and when he came up he raised his hands before his knees
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAbu Ghuddah
  • DaifAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 12 · The Book of The At-Tatbiq (Clasping One's Hands Together)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।