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सुनन नसाई

नंबर 949

नंबर 949किताब 11, नंबर 74
أَخْبَرَنَا عِمْرَانُ بْنُ يَزِيدَ، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي الرِّجَالِ، عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ، عَنْ عَمْرَةَ، عَنْ أُمِّ هِشَامٍ بِنْتِ حَارِثَةَ بْنِ النُّعْمَانِ، قَالَتْ مَا أَخَذْتُ ‏{‏ ق وَالْقُرْآنِ الْمَجِيدِ ‏}‏ إِلاَّ مِنْ وَرَاءِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم كَانَ يُصَلِّي بِهَا فِي الصُّبْحِ ‏.‏
It was narrated that Umm Hisham bint Harithah bin An-Nu'man said:"I only learned :Qaf. By the Glorious Quran.' Behind the Messenger of Allah (ﷺ); he used to recite it in Subh
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • ShadhAbu Ghuddah
  • ShadhAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book of the Commencement of the Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।