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सुनन नसाई

नंबर 950

नंबर 950किताब 11, नंबर 75
أَخْبَرَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ مَسْعُودٍ، وَمُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى، - وَاللَّفْظُ لَهُ - قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ، عَنْ شُعْبَةَ، عَنْ زِيَادِ بْنِ عِلاَقَةَ، قَالَ سَمِعْتُ عَمِّي، يَقُولُ صَلَّيْتُ مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم الصُّبْحَ فَقَرَأَ فِي إِحْدَى الرَّكْعَتَيْنِ ‏{‏ وَالنَّخْلَ بَاسِقَاتٍ لَهَا طَلْعٌ نَضِيدٌ ‏}‏ قَالَ شُعْبَةُ فَلَقِيتُهُ فِي السُّوقِ فِي الزِّحَامِ فَقَالَ ‏{‏ ق ‏}‏ ‏.‏
It was narrated that Ziyad bin Ilaqah said:"I heard my paternal uncle say: 'I prayed Subh with the Messenger of Allah (ﷺ), and in one of the rak'ahs he recited: "And tall date palms, with ranged clusters
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 11 · The Book of the Commencement of the Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।