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सुनन नसाई

नंबर 805

नंबर 805किताब 10, नंबर 29
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ عَلِيٍّ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْمُخْتَارِ، عَنْ مُوسَى بْنِ أَنَسٍ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ صَلَّى بِي رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم وَبِامْرَأَةٍ مِنْ أَهْلِي فَأَقَامَنِي عَنْ يَمِينِهِ وَالْمَرْأَةُ خَلْفَنَا ‏.‏
It was narrated that Anas said:"The Messenger of Allah (ﷺ) led me and a woman from my family in prayer. He made me to stand on his right and the woman to stand behind us
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Book of Leading the Prayer (Al-Imamah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।