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सुनन नसाई

नंबर 806

नंबर 806किताब 10, नंबर 30
أَخْبَرَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ عُلَيَّةَ، عَنْ أَيُّوبَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ بِتُّ عِنْدَ خَالَتِي مَيْمُونَةَ فَقَامَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يُصَلِّي مِنَ اللَّيْلِ فَقُمْتُ عَنْ شِمَالِهِ فَقَالَ بِي هَكَذَا فَأَخَذَ بِرَأْسِي فَأَقَامَنِي عَنْ يَمِينِهِ ‏.‏
It was narrated that Ibn Abbas said:"I stayed overnight with my maternal aunt Maimunah, and the Messenger of Allah (ﷺ) got up to pray at night. I stood on his left, so he did this to me: He took me by the head and made me stand on his right
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Book of Leading the Prayer (Al-Imamah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।