सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 804

नंबर 804किताब 10, नंबर 28
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ إِسْمَاعِيلَ بْنِ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنَا حَجَّاجٌ، قَالَ قَالَ ابْنُ جُرَيْجٍ أَخْبَرَنِي زِيَادٌ، أَنَّ قَزَعَةَ، مَوْلًى لِعَبْدِ قَيْسٍ أَخْبَرَهُ أَنَّهُ، سَمِعَ عِكْرِمَةَ، مَوْلَى ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَ قَالَ ابْنُ عَبَّاسٍ صَلَّيْتُ إِلَى جَنْبِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم وَعَائِشَةُ خَلْفَنَا تُصَلِّي مَعَنَا وَأَنَا إِلَى جَنْبِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم أُصَلِّي مَعَهُ ‏.‏
It was narrated that Ibn 'Abbas said:"I prayed beside the Prophet (ﷺ) and Ayesha was behind us praying with us, and I was beside the Prophet (ﷺ) praying with him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Book of Leading the Prayer (Al-Imamah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।