सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 803

नंबर 803किताब 10, नंबर 27
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، قَالَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدٌ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، قَالَ سَمِعْتُ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ مُخْتَارٍ، يُحَدِّثُ عَنْ مُوسَى بْنِ أَنَسٍ، عَنْ أَنَسٍ، أَنَّهُ كَانَ هُوَ وَرَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم وَأُمُّهُ وَخَالَتُهُ فَصَلَّى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَجَعَلَ أَنَسًا عَنْ يَمِينِهِ وَأُمَّهُ وَخَالَتَهُ خَلْفَهُمَا ‏.‏
It was narrated from Anas that he and the Messenger of Allah (ﷺ) and his mother, and his maternal aunt (were together). The Messenger of Allah (ﷺ) prayed, and he told Anas to stand on his right and his mother and maternal aunt behind them
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 10 · The Book of Leading the Prayer (Al-Imamah)

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।