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सहीह मुस्लिम

नंबर 2039

नंबर 2039किताब 7, नंबर 89अरबी नंबरिंग 882.01
وَحَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، وَمُحَمَّدُ بْنُ رُمْحٍ، قَالاَ أَخْبَرَنَا اللَّيْثُ، ح وَحَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ، حَدَّثَنَا لَيْثٌ، عَنْ نَافِعٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ، أَنَّهُ كَانَ إِذَا صَلَّى الْجُمُعَةَ انْصَرَفَ فَسَجَدَ سَجْدَتَيْنِ فِي بَيْتِهِ ثُمَّ قَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَصْنَعُ ذَلِكَ ‏.‏
Nafi' reported that when 'Abdullah (b. 'Umar) observed the Friday prayer and came back he observed two rak'ahs in his house, and then said:The Messenger of Allah (may peace be updn him) used to do this

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · The Book of Prayer - Friday

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।