सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 2040

नंबर 2040किताब 7, नंबर 90अरबी नंबरिंग 882.02
وَحَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، قَالَ قَرَأْتُ عَلَى مَالِكٍ عَنْ نَافِعٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ، أَنَّهُ وَصَفَ تَطَوُّعَ صَلاَةِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ فَكَانَ لاَ يُصَلِّي بَعْدَ الْجُمُعَةِ حَتَّى يَنْصَرِفَ فَيُصَلِّي رَكْعَتَيْنِ فِي بَيْتِهِ ‏.‏ قَالَ يَحْيَى أَظُنُّنِي قَرَأْتُ فَيُصَلِّي أَوْ أَلْبَتَّةَ ‏.‏
Abdullah b. 'Umar, while describing the Nafl prayer of the Messenger of Allah (ﷺ), said:He did not observe (Nafl) prayer after Jumu'a till he went back and observed two rak'ahs in his house. Yahya said: I guess that I uttered these words (before Imam Malik) that he of course observed (them)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · The Book of Prayer - Friday

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।