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सहीह मुस्लिम

नंबर 1490

नंबर 1490किताब 5, नंबर 323अरबी नंबरिंग 655.02
وَحَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ الْمَكِّيُّ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، - هُوَ ابْنُ عُيَيْنَةَ - عَنْ عُمَرَ بْنِ سَعِيدٍ، عَنْ أَشْعَثَ بْنِ أَبِي الشَّعْثَاءِ الْمُحَارِبِيِّ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ سَمِعْتُ أَبَا هُرَيْرَةَ، وَرَأَى، رَجُلاً يَجْتَازُ الْمَسْجِدَ خَارِجًا بَعْدَ الأَذَانِ فَقَالَ أَمَّا هَذَا فَقَدْ عَصَى أَبَا الْقَاسِمِ صلى الله عليه وسلم ‏.‏
Abu Sha'tha' al-Muharibi reported on the authority of his father, who said:I heard it from Abu Huraira that he saw a person getting out of the mosque after the call to prayer had been announced. Upon this he remarked: This (man) disobeyed Abu'l-Qasim (ﷺ)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · The Book of Mosques and Places of Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।