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सहीह मुस्लिम

नंबर 1303

नंबर 1303किताब 5, नंबर 141अरबी नंबरिंग 578.05
وَحَدَّثَنِي حَرْمَلَةُ بْنُ يَحْيَى، حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، أَخْبَرَنِي عَمْرُو بْنُ الْحَارِثِ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي جَعْفَرٍ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الأَعْرَجِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم مِثْلَهُ ‏.‏
A hadith like this has been transmitted by Abual-Rahman al-Araj on the authority of Abu Huraira

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · The Book of Mosques and Places of Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।