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सहीह मुस्लिम

नंबर 1247

नंबर 1247किताब 5, नंबर 85अरबी नंबरिंग 560.02
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ أَيُّوبَ، وَقُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، وَابْنُ، حُجْرٍ قَالُوا حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ، - وَهُوَ ابْنُ جَعْفَرٍ - أَخْبَرَنِي أَبُو حَزْرَةَ الْقَاصُّ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي عَتِيقٍ، عَنْ عَائِشَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم بِمِثْلِهِ وَلَمْ يَذْكُرْ فِي الْحَدِيثِ قِصَّةَ الْقَاسِمِ ‏.‏
Abdullah b. 'Atiq narrated from the Apostle (ﷺ) on the authority of 'A'isha, but he made no mention of the account of Qasim

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · The Book of Mosques and Places of Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।