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सहीह मुस्लिम

नंबर 1238

नंबर 1238किताब 5, नंबर 76अरबी नंबरिंग 556.01
حَدَّثَنِي عَمْرٌو النَّاقِدُ، وَزُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ، ح قَالَ وَحَدَّثَنِي أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، - وَاللَّفْظُ لِزُهَيْرٍ - قَالُوا حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ عُرْوَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم صَلَّى فِي خَمِيصَةٍ لَهَا أَعْلاَمٌ وَقَالَ ‏ "‏ شَغَلَتْنِي أَعْلاَمُ هَذِهِ فَاذْهَبُوا بِهَا إِلَى أَبِي جَهْمٍ وَائْتُونِي بِأَنْبِجَانِيِّهِ ‏"‏ ‏.‏
A'isha reported:The Apostle of Allah (ﷺ) prayed in a garment which had designs over it, so he (the Holy Prophet) said: Take it to Abu Jahm and bring me a plain blanket from him, because its designs have distracted me

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · The Book of Mosques and Places of Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।