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सहीह मुस्लिम

नंबर 1198

नंबर 1198किताब 5, नंबर 38अरबी नंबरिंग 536
حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَكْرٍ، ح قَالَ وَحَدَّثَنَا حَسَنٌ الْحُلْوَانِيُّ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، - وَتَقَارَبَا فِي اللَّفْظِ - قَالاَ جَمِيعًا أَخْبَرَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ أَخْبَرَنِي أَبُو الزُّبَيْرِ أَنَّهُ سَمِعَ طَاوُسًا يَقُولُ قُلْنَا لاِبْنِ عَبَّاسٍ فِي الإِقْعَاءِ عَلَى الْقَدَمَيْنِ فَقَالَ هِيَ السُّنَّةُ ‏.‏ فَقُلْنَا لَهُ إِنَّا لَنَرَاهُ جَفَاءً بِالرَّجُلِ ‏.‏ فَقَالَ ابْنُ عَبَّاسٍ بَلْ هِيَ سُنَّةُ نَبِيِّكَ صلى الله عليه وسلم ‏.‏
Tawus reported:We asked Ibn Abbas about sitting on one's buttocks (in prayer). (ala alqad mein) He said: It is sunnah. We said to him: We find it a sort of cruelty to the foot. Ibn 'Abbas said: It is the sunnah of your Apostle (ﷺ)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 5 · The Book of Mosques and Places of Prayer

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।