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सहीह मुस्लिम

नंबर 6802

नंबर 6802किताब 47, नंबर 28अरबी नंबरिंग 1017.07
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، حَدَّثَنَا يَحْيَى، - يَعْنِي ابْنَ سَعِيدٍ - حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ أَبِي، إِسْمَاعِيلَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ هِلاَلٍ الْعَبْسِيُّ، قَالَ قَالَ جَرِيرُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لاَ يَسُنُّ عَبْدٌ سُنَّةً صَالِحَةً يُعْمَلُ بِهَا بَعْدَهُ ‏"‏ ‏.‏ ثُمَّ ذَكَرَ تَمَامَ الْحَدِيثِ ‏.‏
Jarir b. 'Abdullah reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:The servant does not introduce good practice which is followed after him.... The rest of the hadith is the same

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 47 · The Book of Knowledge

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।