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सहीह मुस्लिम

नंबर 6801

नंबर 6801किताब 47, नंबर 27अरबी नंबरिंग 1017.06
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، وَأَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ وَأَبُو كُرَيْبٍ جَمِيعًا عَنْ أَبِي مُعَاوِيَةَ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ مُسْلِمٍ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ هِلاَلٍ، عَنْ جَرِيرٍ، قَالَ خَطَبَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَحَثَّ عَلَى الصَّدَقَةِ ‏.‏ بِمَعْنَى حَدِيثِ جَرِيرٍ ‏.‏
Jarir reported that Allah's Messenger (ﷺ) delivered an address in which he exhorted people to give charity

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 47 · The Book of Knowledge

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।