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सहीह मुस्लिम

नंबर 6385

नंबर 6385किताब 44, नंबर 215अरबी नंबरिंग 2485.02
حَدَّثَنَاهُ إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، وَمُحَمَّدُ بْنُ رَافِعٍ، وَعَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ، عَنْ عَبْدِ الرَّزَّاقِ، أَخْبَرَنَا مَعْمَرٌ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنِ ابْنِ الْمُسَيَّبِ، أَنَّ حَسَّانَ، قَالَ فِي حَلْقَةٍ فِيهِمْ أَبُو هُرَيْرَةَ أَنْشُدُكَ اللَّهَ يَا أَبَا هُرَيْرَةَ أَسَمِعْتَ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏.‏ فَذَكَرَ مِثْلَهُ ‏.‏
Ibn Musayyib reported that Hassan said to a circle in which there was also Abu Huraira:Abu Huraira, I adjure you by Allah (to tell) whether you-had not heard Allah's Messenger (ﷺ) saying like this

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 44 · The Book of the Merits of the Companions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।