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सहीह मुस्लिम

नंबर 6091

नंबर 6091किताब 43, नंबर 149अरबी नंबरिंग 2348
حَدَّثَنِي أَبُو غَسَّانَ الرَّازِيُّ، مُحَمَّدُ بْنُ عَمْرٍو حَدَّثَنَا حَكَّامُ بْنُ سَلْمٍ، حَدَّثَنَا عُثْمَانُ، بْنُ زَائِدَةَ عَنِ الزُّبَيْرِ بْنِ عَدِيٍّ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، قَالَ قُبِضَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم وَهُوَ ابْنُ ثَلاَثٍ وَسِتِّينَ وَأَبُو بَكْرٍ وَهُوَ ابْنُ ثَلاَثٍ وَسِتِّينَ وَعُمَرُ وَهُوَ ابْنُ ثَلاَثٍ وَسِتِّينَ ‏.‏
Anas b. Malik reported that Allah's Messenger (ﷺ) died when he was sixty-three years old, and so was the case with Abu Bakr, and so was the case with Umar who was also sixty-three (when he died)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · The Book of Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।