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सहीह मुस्लिम

नंबर 6090

नंबर 6090किताब 43, नंबर 148अरबी नंबरिंग 2347.02
وَحَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ أَيُّوبَ، وَقُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، وَعَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ، قَالُوا حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ، يَعْنُونَ ابْنَ جَعْفَرٍ ح وَحَدَّثَنِي الْقَاسِمُ بْنُ زَكَرِيَّاءَ، حَدَّثَنَا خَالِدُ بْنُ مَخْلَدٍ، حَدَّثَنِي سُلَيْمَانُ بْنُ، بِلاَلٍ كِلاَهُمَا عَنْ رَبِيعَةَ، - يَعْنِي ابْنَ أَبِي عَبْدِ الرَّحْمَنِ - عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، ‏.‏ بِمِثْلِ حَدِيثِ مَالِكِ بْنِ أَنَسٍ وَزَادَ فِي حَدِيثِهِمَا كَانَ أَزْهَرَ ‏.‏
This hadith has been transmitted on the authority of Anas b. Malik with this addition that instead of the word al-Amhaq there is the word Azhar

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 43 · The Book of Virtues

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।