अबू ज़र रज़ियल्लाहु अनहु का वर्णन है, उन्होंने कहा : मैंने कहा : ऐ अल्लाह के रसूल! हौज़ (तालाब) के बर्तनों के बारे में आप क्या कहेंगे? आपने कहा : "उस हस्ती की क़सम, जिसके हाथ में मुहम्मद की जान है, उसके बर्तन आकाश के तारों एवं ग्रहों से अधिक होंगे। सुन लो, मैं बात अंधेरे तथा साफ़ आकाश वाली रात की कर रहा हूँ। हौज़ के बर्तन ऐसे होंगे कि जो उनसे पानी पी लेगा, उसे कभी प्यास नहीं लगेगी। उस में जन्नत के दो परनाले गिर रहे होंगे। जो इस हौज़ का पानी पी लेगा, उसे कभी प्यास नहीं लगेगी। उसकी चौड़ाई उसकी लंबाई के समान होगी।(और यह उतना होगा जितना कि ) अम्मान और ऐला के बीच है। उसका पानी दूध से ज़्यादा सफ़ेद और शहद से ज़्यादा मीठा होगा।"
जहाँ तर्जुमा शुदा नबवी हदीसों के इनसाइक्लोपीडिया (HadeethEnc.com) में किसी रिवायत का हूबहू टेक्स्ट मौजूद है, वहाँ उसका तर्जुमा उसी रिवायत के नीचे स्रोत के नाम के साथ दिखाया गया है। दोनों को प्रोग्राम के ज़रिए, सिर्फ़ अरबी टेक्स्ट की बुनियाद पर जोड़ा गया है: इनसाइक्लोपीडिया की हदीस का पूरा टेक्स्ट, उसमें दर्ज सहाबी के नाम समेत, रिवायत का आख़िरी हिस्सा है, हर्फ़-ब-हर्फ़। इस जोड़ को किसी ने नहीं जाँचा है, और सबील के जायज़ाकारों ने तर्जुमे की जाँच नहीं की है। असल टेक्स्ट अरबी है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।