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सहीह मुस्लिम

नंबर 5085

नंबर 5085किताब 35, नंबर 22अरबी नंबरिंग 1965.02
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ، عَنْ هِشَامٍ الدَّسْتَوَائِيِّ، عَنْ يَحْيَى بْنِ أَبِي كَثِيرٍ، عَنْ بَعْجَةَ الْجُهَنِيِّ، عَنْ عُقْبَةَ بْنِ عَامِرٍ الْجُهَنِيِّ، قَالَ قَسَمَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فِينَا ضَحَايَا فَأَصَابَنِي جَذَعٌ فَقُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّهُ أَصَابَنِي جَذَعٌ ‏.‏ فَقَالَ ‏ "‏ ضَحِّ بِهِ ‏"‏ ‏.‏
Amir al-Juhani reported:Allah's Messenger (ﷺ) distributed sacrificial animals (amongst us for sacrificing them on 'Id al-Adha). So we sacrificed them. There fell to my lot a lamb of less than one year I said: Allah's Messenger, there has fallen to my lot a lamb (Jadha'a), whereupon he said: Sacrifice that

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 35 · The Book of Sacrifices

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।