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सहीह मुस्लिम

नंबर 5081

नंबर 5081किताब 35, नंबर 18अरबी नंबरिंग 1962.03
وَحَدَّثَنِي زِيَادُ بْنُ يَحْيَى الْحَسَّانِيُّ، حَدَّثَنَا حَاتِمٌ، - يَعْنِي ابْنَ وَرْدَانَ - حَدَّثَنَا أَيُّوبُ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ سِيرِينَ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، قَالَ خَطَبَنَا رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَوْمَ أَضْحًى - قَالَ - فَوَجَدَ رِيحَ لَحْمٍ فَنَهَاهُمْ أَنْ يَذْبَحُوا قَالَ ‏ "‏ مَنْ كَانَ ضَحَّى فَلْيُعِدْ ‏"‏ ‏.‏ ثُمَّ ذَكَرَ بِمِثْلِ حَدِيثِهِمَا ‏.‏
Anas b. Malik reported:Allah's Messenger (ﷺ) addressed us on the day of 'Id al-Adha. He smelt the odour of flesh and he prohibited thern from slaughtering (the animals before the 'Id prayer), saying: He who slaughtered the animals (before the 'Id prayer) should do that again (as it is not valid as a sacrifice)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 35 · The Book of Sacrifices

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।