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सहीह मुस्लिम

नंबर 5082

नंबर 5082किताब 35, नंबर 19अरबी नंबरिंग 1963
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ يُونُسَ، حَدَّثَنَا زُهَيْرٌ، حَدَّثَنَا أَبُو الزُّبَيْرِ، عَنْ جَابِرٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لاَ تَذْبَحُوا إِلاَّ مُسِنَّةً إِلاَّ أَنْ يَعْسُرَ عَلَيْكُمْ فَتَذْبَحُوا جَذَعَةً مِنَ الضَّأْنِ ‏"‏ ‏.‏
Jabir reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:Sacrifice only a grown-up animal, unless it is difficult for you, in which case sacrifice a ram (of even less than a year, but more than six months' age)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 35 · The Book of Sacrifices

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।