सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 4813

नंबर 4813किताब 33, नंबर 110अरबी नंबरिंग 1856.07
وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَابْنُ، نُمَيْرٍ قَالاَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ إِدْرِيسَ، ح وَحَدَّثَنَا رِفَاعَةُ بْنُ الْهَيْثَمِ، حَدَّثَنَا خَالِدٌ، - يَعْنِي الطَّحَّانَ - كِلاَهُمَا يَقُولُ عَنْ حُصَيْنٍ، عَنْ سَالِمِ بْنِ أَبِي الْجَعْدِ، عَنْ جَابِرٍ، قَالَ لَوْ كُنَّا مِائَةَ أَلْفٍ لَكَفَانَا كُنَّا خَمْسَ عَشْرَةَ مِائَةً ‏.‏
It has been narrated on the authority of Jabir who said:If we had been a hundred thousand in number, it (the water) would have sufficed us, but actually we were fifteen hundred

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · The Book on Government

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।