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सहीह मुस्लिम

नंबर 4812

नंबर 4812किताब 33, नंबर 109अरबी नंबरिंग 1856.06
وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، وَابْنُ، بَشَّارٍ قَالاَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ عَمْرِو بْنِ مُرَّةَ، عَنْ سَالِمِ بْنِ أَبِي الْجَعْدِ، قَالَ سَأَلْتُ جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ عَنْ أَصْحَابِ، الشَّجَرَةِ فَقَالَ لَوْ كُنَّا مِائَةَ أَلْفٍ لَكَفَانَا كُنَّا أَلْفًا وَخَمْسَمِائَةٍ ‏.‏
It has been narrated on the authority of Salim b. Abu al-Ja'd who said:I asked Jabir b. 'Abdullah about the number of the Companions (of the Prophet who took the oath of fealty under) the tree. He said: If we were a hundred thousand, it (i. e. the water in the well at Hudaibiya) would have sufficed us, but actually we were one thousand and five hundred

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · The Book on Government

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।