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सहीह मुस्लिम

नंबर 4811

नंबर 4811किताब 33, नंबर 108अरबी नंबरिंग 1856.05
حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ عَمْرٍو الأَشْعَثِيُّ، وَسُوَيْدُ بْنُ سَعِيدٍ، وَإِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، وَأَحْمَدُ، بْنُ عَبْدَةَ - وَاللَّفْظُ لِسَعِيدٍ قَالَ سَعِيدٌ وَإِسْحَاقُ أَخْبَرَنَا وَقَالَ الآخَرَانِ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ عَمْرٍو، عَنْ جَابِرٍ، قَالَ كُنَّا يَوْمَ الْحُدَيْبِيَةِ أَلْفًا وَأَرْبَعَمِائَةٍ فَقَالَ لَنَا النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ أَنْتُمُ الْيَوْمَ خَيْرُ أَهْلِ الأَرْضِ ‏"‏ ‏.‏ وَقَالَ جَابِرٌ لَوْ كُنْتُ أُبْصِرُ لأَرَيْتُكُمْ مَوْضِعَ الشَّجَرَةِ
It has been narrated (through a different chain of transmitters) on the authority of Jabir who said:We were one thousand and four hundred on the Day of Hudaibiya when the Prophet (ﷺ) said to us: Today you are the best people on the earth. And Jabir said: If I had the eyesight, I could show you the place of the tree

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · The Book on Government

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।