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सहीह मुस्लिम

नंबर 4548

नंबर 4548किताब 32, नंबर 29अरबी नंबरिंग 1744.02
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بِشْرٍ، وَأَبُو أُسَامَةَ قَالاَ حَدَّثَنَا عُبَيْدُ، اللَّهِ بْنُ عُمَرَ عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ وُجِدَتِ امْرَأَةٌ مَقْتُولَةً فِي بَعْضِ تِلْكَ الْمَغَازِي فَنَهَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم عَنْ قَتْلِ النِّسَاءِ وَالصِّبْيَانِ ‏.‏
It is narrated by Ibn 'Umar that a woman was found killed in one of these battles; so the Messenger of Allah (ﷺ) forbade the killing of women and children

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 32 · The Book of Jihad and Expeditions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।