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सहीह मुस्लिम

नंबर 4547

नंबर 4547किताब 32, नंबर 28अरबी नंबरिंग 1744.01
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، وَمُحَمَّدُ بْنُ رُمْحٍ، قَالاَ أَخْبَرَنَا اللَّيْثُ، ح وَحَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ، سَعِيدٍ حَدَّثَنَا لَيْثٌ، عَنْ نَافِعٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ، أَنَّ امْرَأَةً، وُجِدَتْ، فِي بَعْضِ مَغَازِي رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم مَقْتُولَةً فَأَنْكَرَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَتْلَ النِّسَاءِ وَالصِّبْيَانِ‏.‏
It is narrated on the authority of 'Abdullah that a woman was found killed in one of the battles fought by the Messenger of Allah (ﷺ). He disapproved of the killing of women and children

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 32 · The Book of Jihad and Expeditions

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।