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सहीह मुस्लिम

नंबर 4336

नंबर 4336किताब 27, नंबर 83अरबी नंबरिंग 1668.02
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، ح وَحَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، وَابْنُ أَبِي، عُمَرَ عَنِ الثَّقَفِيِّ، كِلاَهُمَا عَنْ أَيُّوبَ، بِهَذَا الإِسْنَادِ ‏.‏ أَمَّا حَمَّادٌ فَحَدِيثُهُ كَرِوَايَةِ ابْنِ عُلَيَّةَ وَأَمَّا الثَّقَفِيُّ فَفِي حَدِيثِهِ أَنَّ رَجُلاً مِنَ الأَنْصَارِ أَوْصَى عِنْدَ مَوْتِهِ فَأَعْتَقَ سِتَّةَ مَمْلُوكِينَ ‏.‏
This hadith has been narrated through another chain of transmitters (and the words are):" A person from among the Ansar willed away the freedom of six slaves of his at the time of his death

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 27 · The Book of Oaths

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।