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सहीह मुस्लिम

नंबर 4267

नंबर 4267किताब 27, नंबर 14अरबी नंबरिंग 1649.05
وَحَدَّثَنِي عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ السَّعْدِيُّ، وَإِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، وَابْنُ، نُمَيْرٍ عَنْ إِسْمَاعِيلَ، ابْنِ عُلَيَّةَ عَنْ أَيُّوبَ، عَنِ الْقَاسِمِ التَّمِيمِيِّ، عَنْ زَهْدَمٍ الْجَرْمِيِّ، ح وَحَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ أَيُّوبَ، عَنْ أَبِي قِلاَبَةَ، عَنْ زَهْدَمٍ الْجَرْمِيِّ، ح وَحَدَّثَنِي أَبُو بَكْرِ بْنُ إِسْحَاقَ، حَدَّثَنَا عَفَّانُ بْنُ مُسْلِمٍ، حَدَّثَنَا وُهَيْبٌ، حَدَّثَنَا أَيُّوبُ، عَنْ أَبِي قِلاَبَةَ، وَالْقَاسِمِ، عَنْ زَهْدَمٍ الْجَرْمِيِّ، قَالَ كُنَّا عِنْدَ أَبِي مُوسَى ‏.‏ وَاقْتَصُّوا جَمِيعًا الْحَدِيثَ بِمَعْنَى حَدِيثِ حَمَّادِ بْنِ زَيْدٍ ‏.‏
Zahdam al-Jarmi reported:We were in the company of Abu Musa. The rest of the hadith is the same

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 27 · The Book of Oaths

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।