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सहीह मुस्लिम

नंबर 4268

नंबर 4268किताब 27, नंबर 15अरबी नंबरिंग 1649.06
وَحَدَّثَنَا شَيْبَانُ بْنُ فَرُّوخَ، حَدَّثَنَا الصَّعْقُ، - يَعْنِي ابْنَ حَزْنٍ - حَدَّثَنَا مَطَرٌ الْوَرَّاقُ، حَدَّثَنَا زَهْدَمٌ الْجَرْمِيُّ، قَالَ دَخَلْتُ عَلَى أَبِي مُوسَى وَهُوَ يَأْكُلُ لَحْمَ دَجَاجٍ وَسَاقَ الْحَدِيثَ بِنَحْوِ حَدِيثِهِمْ وَزَادَ فِيهِ قَالَ ‏ "‏ إِنِّي وَاللَّهِ مَا نَسِيتُهَا ‏"‏ ‏.‏
Zahdam al-Jarmi reported:I visited Abu Musa and lie was eating fowl's meat. The rest of the hadith is the same with this addition that he (the Holy Prophet) said: By Allah, I did not forget it

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 27 · The Book of Oaths

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।