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सहीह मुस्लिम

नंबर 4227

नंबर 4227किताब 25, नंबर 24अरबी नंबरिंग 1634.01
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى التَّمِيمِيُّ، أَخْبَرَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ مَهْدِيٍّ، عَنْ مَالِكِ بْنِ مِغْوَلٍ، عَنْ طَلْحَةَ بْنِ مُصَرِّفٍ، قَالَ سَأَلْتُ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ أَبِي أَوْفَى هَلْ أَوْصَى رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَقَالَ لاَ ‏.‏ قُلْتُ فَلِمَ كُتِبَ عَلَى الْمُسْلِمِينَ الْوَصِيَّةُ أَوْ فَلِمَ أُمِرُوا بِالْوَصِيَّةِ قَالَ أَوْصَى بِكِتَابِ اللَّهِ عَزَّ وَجَلَّ ‏.‏
Talha b. Musarrif reported:I asked 'Abdullah b. Abu Aufa whether Allah's Messenger (ﷺ) had made any will (in regard to his property). He said: NO. I said: Then why has making of will been made necessary for the Muslims, or why were they commanded to make will? Thereupon he said: He made the will according to the Book of Allah, the Exalted and Majestic

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · The Book of Wills

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।