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सहीह मुस्लिम

नंबर 4228

नंबर 4228किताब 25, नंबर 25अरबी नंबरिंग 1634.02
وَحَدَّثَنَاهُ أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، ح وَحَدَّثَنَا ابْنُ نُمَيْرٍ، حَدَّثَنَا أَبِي، كِلاَهُمَا عَنْ مَالِكِ بْنِ مِغْوَلٍ، بِهَذَا الإِسْنَادِ ‏.‏ مِثْلَهُ غَيْرَ أَنَّ فِي حَدِيثِ وَكِيعٍ قُلْتُ فَكَيْفَ أُمِرَ النَّاسُ بِالْوَصِيَّةِ وَفِي حَدِيثِ ابْنِ نُمَيْرٍ قُلْتُ كَيْفَ كُتِبَ عَلَى الْمُسْلِمِينَ الْوَصِيَّةُ
This hadith has been narrated on the authority of Malik b. Mighwal with the same chain of transmitters but with a slight variation of words. In the hadith related by Waki (the words are)" I said:How the people have been ordered about the will" ; and in the hadith of Ibn Numair (the words are):" How the will has been prescribed for the Muslims

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · The Book of Wills

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।