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सहीह मुस्लिम

नंबर 3535

नंबर 3535किताब 16, नंबर 137अरबी नंबरिंग 1435.01
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، وَأَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ وَعَمْرٌو النَّاقِدُ - وَاللَّفْظُ لأَبِي بَكْرٍ - قَالُوا حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنِ ابْنِ الْمُنْكَدِرِ سَمِعَ جَابرًا يَقُولُ كَانَتِ الْيَهُودُ تَقُولُ إِذَا أَتَى الرَّجُلُ امْرَأَتَهُ مِنْ دُبُرِهَا فِي قُبُلِهَا كَانَ الْوَلَدُ أَحْوَلَ فَنَزَلَتْ ‏{‏ نِسَاؤُكُمْ حَرْثٌ لَكُمْ فَأْتُوا حَرْثَكُمْ أَنَّى شِئْتُمْ‏}‏
Jabir (Allah be pleased with him) declared that the Jews used to say:When a man has intercourse with his wife through the vagina but being on her back. the child will have squint, so the verse came down:" Your wives are your tilth; go then unto your tilth as you may desire" (ii)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 16 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।