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सहीह मुस्लिम

नंबर 3536

नंबर 3536किताब 16, नंबर 138अरबी नंबरिंग 1435.02
وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ رُمْحٍ، أَخْبَرَنَا اللَّيْثُ، عَنِ ابْنِ الْهَادِ، عَنْ أَبِي حَازِمٍ، عَنْ مُحَمَّدِ، بْنِ الْمُنْكَدِرِ عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، أَنَّ يَهُودَ، كَانَتْ تَقُولُ إِذَا أُتِيَتِ الْمَرْأَةُ مِنْ دُبُرِهَا فِي قُبُلِهَا ثُمَّ حَمَلَتْ كَانَ وَلَدُهَا أَحْوَلَ ‏.‏ قَالَ فَأُنْزِلَتْ ‏{‏ نِسَاؤُكُمْ حَرْثٌ لَكُمْ فَأْتُوا حَرْثَكُمْ أَنَّى شِئْتُمْ‏}‏
Jabir (b. Abdullah) (Allah be pleased with him) reported that the Jews used to say that when one comes to one's wife through the vagina, but being on her back, and she becomes pregnant, the child has a squint. So the verse came down:" Your wives are your ti'Ith; go then unto your tilth, as you may desire

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 16 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।