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सहीह मुस्लिम

नंबर 3405

नंबर 3405किताब 16, नंबर 8अरबी नंबरिंग 1402.02
وَحَدَّثَنِي أَبُو عِمْرَانَ، مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرِ بْنِ زِيَادٍ حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ سَعْدٍ، عَنِ ابْنِ، شِهَابٍ الزُّهْرِيِّ عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ، قَالَ سَمِعْتُ سَعْدًا، يَقُولُ رُدَّ عَلَى عُثْمَانَ بْنِ مَظْعُونٍ التَّبَتُّلُ وَلَوْ أُذِنَ لَهُ لاَخْتَصَيْنَا ‏.‏
Sa'id b. al-Musayyib reported:I heard Sa'd (b. Abi Waqqas) saying that the idea of 'Uthman b. Maz'un for living in celibacy was rejected (by the Holy Prophet), and if he had been given permission they would have got themselves castrated

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 16 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।